तिनका तिनका दिल मेरा, तेरी लौ में जलता है। जाए तू चाहे कहीं, मेरे दिल में ढलता है।

हर इंसान अपने पहले गुरु के रूप में अपने माँ को देखता है, पर मेरे लिए ये थोड़ा अलग है। हाँ, में उनको माँ बुलाता था पर थी वो मेरी दादी। बचपन में मुझे लगता था कि वही मेरी माँ है पर बाद में एहसास हुआ कि वो मेरी दादी है। वो ABCD हो या … Continue reading तिनका तिनका दिल मेरा, तेरी लौ में जलता है। जाए तू चाहे कहीं, मेरे दिल में ढलता है।

दिल-ए-ज़ुबानी

दिल उस चिड़िया का नाम है जो क्षण भर में सात समंदर पार कर जाता है। रौशनी से तेज़ भागता है यह। जिस पे अड़ जाये उसको पाने के लिए महाकाय तूफ़ान से भी पंगा ले लेता है। पता नहीं ये किस धातु से बना है? लाख मरम्मत के बाद भी फिर से धड़क उठता … Continue reading दिल-ए-ज़ुबानी

भारतीय राजनीति: एक ब्यंग

बच्चे तो अपने मर्जी के मलंग होते है, भगवन का सबसे सुद्ध कारीगरी। कांच के तरह साफ़ और पंखुड़ियों सा कोमल। चलो आज एक बच्चे की कहानी सुनते है जो अनजाने में भी इस समाज को मार्ग दर्शन करवा दिया। एक छोटा सा बच्चा, दुनिक से अंजान, बेखबर अपने पापा से पूछने लगा की "पापा … Continue reading भारतीय राजनीति: एक ब्यंग

फेसबुक स्टेटस

फेसबुक यानी मुख-किताब, जो की युबा पीढ़ी के ऊपर ऐसे छाया हुआ है जैसे बिन बादल के बारिश। हम कहाँ गए, क्या खाएं, क्या सुने और सबसे बड़ी बात क्या मनाये वो भी शेयर करते है, इशी बीच ५ डिश खा गए और १० गाने सुन लिए, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। हम चाहे घर … Continue reading फेसबुक स्टेटस

“गांव मेरा”

इस लहराती हरयाली से, सजा है गांव मेरा... सौंधी सी खुसबू, बिखेरे हुऐ है गांव मेरा... जहाँ सूरज भी रोज, नदियों में नहाता है... आज भी यहाँ मुर्गा ही, बांग लगाकर जगाता है... जहाँ गाय चारनेवाला, कृष्ण का स्वरुप है... जहाँ हर पनहारन मटकी लिए, राधा का स्वरुप है... खुद में समेटे प्रकृति को, सदा … Continue reading “गांव मेरा”